जाति आधारित जनगणना की जरूरत नहीं: केंद्रीय राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते

 केंद्रीय राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने मंगलवार को कहा कि जातिगत जनगणना की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि सामान्य जनगणना होने के बाद जाति आधारित आबादी की स्थिति अपने आप साफ हो जाएगी. भदोही में जनजाति-धन्यवाद जनसभा में बतौर मुख्य अतिथि आये कुलस्ते ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, ''जाति आधारित जनगणना की कोई जरूरत नहीं है और जब भी जनगणना होगी तो अपने आप स्थिति साफ़ हो जायेगी की किस जाति की कितनी जनसख्या है.

कुलस्ते ने यह भी कहा कि सभी दलों में इस तरह की सोच और मांग करने वाले हैं, लेकिन सिर्फ राजनितिक कारणों से जातिगत जनगणना करने में सबसे बड़ी और गंभीर समस्या ये है कि जब इसकी शुरुआत होगी तो सभी जाति के लोग यही कहेंगे कि उनकी संख्या सबसे ज़्यादा है.

राज्य में मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव जातिगत जनगणना के पक्ष में हैं और अक्‍सर वह यही दावा करते हैं कि सबके विकास के लिए जातीय जनगणना जरूरी है. पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले यादव ने वादा किया था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आयी तो राज्‍य में जाति आधारित जनगणना करायी जाएगी और आबादी में उनके हिस्से के अनुसार जातियों को सामाजिक न्याय दिया जाएगा.

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