रूस के मून मिशन Luna-25 में 'टेक्निकल इमरजेंसी' की दिक्कत, मैन्यूवर में हुई परेशानी

रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस ने कहा कि शनिवार को चंद्रमा पर उतरने से पहले रूस के लूना-25 के जांच के दौरान एक "आपातकालीन स्थिति" का पता चला. रोस्कोस्मोस ने एक बयान में कहा कि लैंडिंग से पहले की कक्षा में स्थानांतरित करने के लिए थ्रस्ट जारी किया गया, उसी समय इस समस्या का सामना किया गया.ऑपरेशन के दौरान, ऑटोमेटिक स्टेशन पर एक इमरजेंसी स्थिति उत्पन्न हुई, इस वजह से मिशन का मैन्यूवर नहीं हो पाया.

लैंडर, लगभग 50 वर्षों में रूस का पहला ऐसा मिशन है जो देश के सुदूर पूर्व में वोस्तोचन कॉस्मोड्रोम से लॉन्च होने के बाद बुधवार को सफलतापूर्वक चंद्रमा की कक्षा में स्थापित किया गया.  रोस्कोस्मोस ने यह नहीं बताया कि क्या इस घटना से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर बोगुस्लाव्स्की क्रेटर के उत्तर में सोमवार को होने वाली लैंडिंग पर कोई असर होगा या नहीं. जून में, रोस्कोस्मोस प्रमुख यूरी बोरिसोव ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि ऐसे मिशन "जोखिम भरे" थे, जिनकी सफलता की संभावना लगभग 70 प्रतिशत है. 

इसके चंद्रमा पर एक वर्ष तक रहने की उम्मीद है, जहां इसे नमूने एकत्र करने और मिट्टी का विश्लेषण करने का काम सौंपा गया है. लैंडर पर लगे कैमरे पहले ही अंतरिक्ष से पृथ्वी और चंद्रमा की दूर की तस्वीरें ले चुके हैं.  रूस सोवियत संघ के अग्रणी अंतरिक्ष कार्यक्रम को फिर से शुरू करने और पुनर्निर्माण करने की कोशिश कर रहा है क्योंकि यूक्रेन में आक्रामक हमले के बीच पश्चिम के साथ उसके लंबे समय से चल रहे अंतरिक्ष सहयोग का भविष्य संदेह में दिख रहा है.

रूस ने कहा कि वह अपनी चंद्र योजनाओं के साथ आगे बढ़ेगा, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की घोषणा के बावजूद कि वह यूक्रेन में अपने कार्यों पर भविष्य के मिशनों पर मास्को के साथ सहयोग नहीं करेगा. 

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